एक छोटे से गांव के घर में ताजी पराठों की खुशबू से सुबह का आगमन या सरसों के खेतों के सामने veranda पर चाय पीना—यही उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के नवीनतम अभियान का वादा है। विभाग ने होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट संचालन को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को लक्षित करते हुए एक विस्तृत जागरूकता कार्यक्रम की घोषणा की है।
जल्द शुरू होने वाले इस अभियान में रोडशो, वेबिनार और सामुदायिक कार्यक्रम शामिल होंगे, जो सेटअप प्रक्रिया को सरल बनाएंगे। कानूनी जरूरतों से लेकर अतिथि सुरक्षा तक सब कुछ आसान भाषा में समझाया जाएगा। लक्ष्य? अगले दो वर्षों में 1,000 से अधिक होमस्टे का नेटवर्क बनाना, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जान फूंक दे।
नवीनीकरण पर सब्सिडी, कम ब्याज वाले लोन और मुफ्त मार्केटिंग जैसी सुविधाएं इंतजार कर रही हैं। यूपी पर्यटन संचालकों को प्रमाणित करेगा, जिससे उच्च मानक सुनिश्चित होंगे। ‘होमस्टे केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक जड़ों का पुल हैं,’ पर्यटन मंत्री ने कहा।
घरेलू पर्यटन में उछाल के समय यह कदम महत्वपूर्ण है, जहां युवा पीढ़ी स्टार होटलों के बजाय अनोखे अनुभव तलाश रही है। अभियान अयोध्या के आध्यात्मिक सफर से दुधवा की वन्यजीव यात्रा और लखनऊ के इतिहास तक यूपी की विविधता का लाभ उठाएगा।
हितधारक भविष्यवाणी कर रहे हैं कि बढ़ते पर्यटकों से स्थानीय शिल्प, व्यंजन और गाइड की मांग बढ़ेगी। बुकिंग ऐप और रीयल-टाइम फीडबैक के साथ इकोसिस्टम विकास के लिए तैयार है। उत्तर प्रदेश इस मॉडल पर बड़ा दांव लगा रहा है, जो इसे भारत का होमस्टे हब बना सकता है।