सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने ऑपरेशनल खर्चों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर कर्मचारी छंटनी की योजना बनाई है। नवीनतम रिपोर्ट्स में इसकी पुष्टि हुई है, जो मीडिया जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
देश के मनोरंजन बाजार में तीव्र प्रतिस्पर्धा के बीच सोनी को कंटेंट खरीद की बढ़ती लागत और घटते विज्ञापन से जूझना पड़ रहा है। सोनी सब, सोनी स्पोर्ट्स जैसे चैनलों वाली यह कंपनी अब अपनी संरचना में बदलाव लाने को तैयार है। स्रोत बताते हैं कि छंटनी चरणबद्ध तरीके से होगी।
विभिन्न स्तरों पर प्रभाव पड़ने की संभावना है, खासकर मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन टीम्स पर। कंपनी का लक्ष्य गैर-जरूरी पदों को समाप्त कर संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। कर्मचारियों में चिंता का माहौल है, लेकिन प्रबंधन लंबी अवधि की स्थिरता का हवाला दे रहा है।
यह कदम उद्योग की बदलती प्रकृति को दर्शाता है। ओटीटी का बोलबाला बढ़ा है, जिससे टीवी चैनलों पर दबाव है। सोनी अब डिजिटल वेंचर्स और साझेदारियों की ओर रुख कर सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि यह जरूरी सुधार है।
सरकार और नियामकों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए, ताकि सेक्टर में स्थिरता बनी रहे। सोनी के इस निर्णय से उसके प्रतिद्वंद्वी भी प्रभावित हो सकते हैं। भविष्य में कंटेंट क्वालिटी और बाजार हिस्सेदारी बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर, यह घटना मीडिया उद्योग के कठिन दौर को उजागर करती है। सोनी अगर सही रणनीति अपनाएगी, तो मजबूत वापसी कर सकती है। सभी की नजरें कंपनी के अगले कदमों पर हैं।