सिरमौर जिले के खतरनाक घाटी में बस दुर्घटना से 14 लोगों की मौत हो गई और 35 घायल हुए। पॉन्ता साहिब के निकट बस अनियंत्रित होकर खाई में लुढ़क गई, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।
बस में 60 से अधिक सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे। टायर फटने या ब्रेक खराब होने की आशंका जताई जा रही है। एनडीआरएफ की टीम ने रस्सियों और क्रेन से मलबे से लोगों को निकाला। हेलीकॉप्टर से गंभीर घायलों को शिमला ले जाया गया।
जिला प्रशासन ने मृतक परिवारों को सहायता राशि देने के साथ नौकरी का वचन दिया। मुख्यमंत्री ने जांच समिति गठित कर हादसे के कारणों की गहराई से पड़ताल के आदेश दिए। ट्रांसपोर्ट विभाग ने सभी बसों का सघन निरीक्षण शुरू किया।
हिमाचल की पहाड़ी सड़कों पर ओवरलोडिंग और लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। विशेषज्ञों ने सीसीटीवी, गार्डरेल और ड्राइवर ट्रेनिंग पर जोर दिया। पर्यटक सत्र से पहले सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग तेज हो गई।
यह हादसा राज्य सरकार के लिए चुनौती है। सड़कें चौड़ी करने, साइनेज बेहतर बनाने और ब्लैक स्पॉट्स खत्म करने की योजना पर काम तेज करने की जरूरत है। पूरे हिमाचल में शोक की लहर दौड़ गई है।