कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के जज से निगरानी कराने की मांग उठाई है। उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाले इस केस ने राजनीतिक घमासान मचा रखा है।
रावत ने पत्रकारों से कहा, ‘जांच प्रक्रिया में खामियां साफ दिख रही हैं। गवाह पलट रहे हैं, फोरेंसिक रिपोर्टें लटक रही हैं। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप जरूरी है।’ उन्होंने वनांतर रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य व सहयोगियों पर हत्या का आरोप दोहराया।
अंकिता 2022 में नौकरी पर थी जब विवाद के बाद उसकी हत्या कर खाई में फेंक दिया गया। आर्य परिवार के बीजेपी से जुड़ाव ने विवाद बढ़ाया। हाईकोर्ट ने एसआईटी को लताड़ा और दोबारा जांच के आदेश दिए।
रावत ने कहा कि राज्य सरकार आरोपी बचाने में जुटी है। विपक्ष ने विधानसभा में हंगामा किया। परिवार न्याय की भिखारी बना घूम रहा है। मोमबत्ती जुलूस और धरने आम हो गए हैं।
चुनावी माहौल में यह मुद्दा गरमाता जा रहा है। रावत का प्रस्ताव न्यायिक निगरानी का नया अध्याय खोल सकता है। अंकिता को इंसाफ मिले, यही सबकी कामना है। सरकार का अगला कदम तय करेगा भविष्य का रास्ता।