पश्चिम अफ्रीका के नाइजर में आठ लंबे महीनों की बंधक कैद से झारखंड के पांच मजदूर आजाद हो गए। आतंकवाद प्रभावित इस देश में काम करने गए इन युवाओं की रिहाई ने पूरे राज्य को आशा की किरण दी है।
अगवा की घटना पिछले साल हुई थी, जब वे रोजगार के लिए वहां पहुंचे। कठिन परिस्थितियों में गुजारे इन दिनों ने परिवारों को तोड़ने की कगार पर ला खड़ा किया। लेकिन कूटनीतिक प्रयासों से जीत हासिल हुई।
गांवों में जश्न का माहौल है। मंदिरों में भजन-कीर्तन हुए और लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। अधिकारी बता रहे हैं कि मजदूर सुरक्षित हैं और जल्द भारत लौटेंगे।
नाइजर जैसे अस्थिर इलाकों में भारतीय श्रमिकों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। सरकार को अब सख्त सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे।
यह रिहाई न केवल इन पांच परिवारों की खुशी है, बल्कि उन सभी प्रवासियों के लिए प्रेरणा है जो जोखिम भरे रास्तों पर जीवन यापन कर रहे हैं। स्वास्थ्य जांच के बाद उनका स्वागत भव्य होगा।