दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कपिल मिश्रा पर एफआईआर को सदन के विशेषाधिकार का स्पष्ट उल्लंघन ठहराया। मिश्रा के आप सरकार के खिलाफ दिए गए भाषण से नाराज विपक्ष ने पुलिस में शिकायत की, जिस पर एफआईआर हुई।
स्पीकर ने संविधान के अनुच्छेद 194 का हवाला देते हुए कहा कि विधायकों को सदनिक बयानों पर सुरक्षा प्राप्त है। उन्होंने पुलिस आयुक्त को तलब किया और एफआईआर रद्द करने की मांग की। मिश्रा ने बिजली, पानी और सफाई जैसे शहर की समस्याओं को रेखांकित किया था।
आप ने स्पीकर के फैसले को पक्षपातपूर्ण बताया, वहीं भाजपा ने इसे लोकतंत्र की रक्षा का प्रतीक कहा। यह विवाद विधानसभा की गरिमा और कानून व्यवस्था के बीच टकराव को उजागर करता है। दिल्लीवासियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं, जबकि पार्टियां आपस में उलझी हैं।