राज्य स्तर पर पुलिस महकमे में उथल-पुथल मच गई। बिहार गृह विभाग ने 71 आईपीएस अधिकारियों को नई पोस्टिंग दे दी है। यह व्यापक फेरबदल अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए किया गया।
एसपी से लेकर वरीय अधिकारियों तक सभी को निशाना बनाया गया। संवेदनशील जिलों में अनुभवी नेतृत्व सुनिश्चित करने का प्रयास दिखा। चम्पारण, भागलपुर जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए।
विभागीय समीक्षा में प्रदर्शन, रिक्तियां और सुरक्षा जरूरतों का मूल्यांकन किया गया। साइबर सेल और एंटी-करप्शन यूनिट के अफसरों को भी शफल किया गया।
सरकार का इरादा साफ है—पुलिस तंत्र को चुस्त-दुरुस्त बनाना। जातीय हिंसा, तस्करी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए रणनीतिक कदम।
पुलिस बिरादरी में चर्चाएं तेज हैं। कुछ इसे अवसर मान रहे, तो कुछ अस्थिरता की आशंका जता रहे। बिहार की जनता को उम्मीद है कि इससे अपराध के ग्राफ पर असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में नतीजे साफ दिखेंगे।