केंद्र सरकार की कृषि कल्याण योजनाओं को गति देने के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य कृषि मंत्रियों के संग विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। देरी को दूर कर किसानों तक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में डेटा प्रस्तुत किया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 20 प्रतिशत से अधिक फंड उपयोग न हो सके। पीएम फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और प्राकृतिक खेती मिशन पर चर्चा हुई। चौहान ने मासिक डैशबोर्ड अनिवार्य किए।
गुजरात व हरियाणा जैसे राज्यों के सफल मॉडल साझा किए गए, जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म से समय 50 प्रतिशत कम हुआ। जलवायु परिवर्तन चुनौतियों से निपटने हेतु सूक्ष्म सिंचाई और जल-संरक्षण पर अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में अपनी योजनाओं का जिक्र करते हुए चौहान ने व्यावहारिक सुझाव दिए। उद्योगपतियों ने इसे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने वाला बताया।
खरीफ फसल बोआई के बीच यह बैठक संकट टाल सकती है। चौहान ने कहा, ‘किसान का इंतजार समाप्त करेंगे।’ दो सप्ताह में एक्शन प्लान मांगे गए, जो नई नीतिगत गति का संकेत देते हैं।