राज्य में कानून-व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए बिहार सरकार ने 71 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। हेडलाइंस में है कुंदन कृष्णन का नाम, जिन्हें प्रदेश की एलीट एसटीएफ का चार्ज सौंपा गया। गृह विभाग का यह आदेश पुलिस सर्कल में चर्चा का विषय बन गया है।
1994 बैच के इस अधिकारी का चयन रणनीतिक माना जा रहा है। वे काउंटर-इंसर्जेंसी और एंटी-क्राइम मिशनों में माहिर हैं। एसटीएफ के तहत वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, सीमा सुरक्षा और बड़े सिंडिकेट्स पर निशाना साधेंगे।
आदेश में दर्जनों एसपी जिले बदलकर गए, जबकि डीआईजी रेंजों में शिफ्ट हुए। गया, जहानाबाद जैसे नक्सल भारी इलाकों में नई कमान सेट हो गई। ट्रैफिक और रेल पुलिस तक असर पड़ा।
पिछले हफ्तों की हिंसक घटनाओं—जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में लूट और सांप्रदायिक तनाव—ने इस फेरबदल को जरूरी बना दिया। गृह सचिव ने बताया कि मेरिट के आधार पर पोस्टिंग की गई।
कुंदन कृष्णन के नेतृत्व में एसटीएफ को नया जोश मिलने की उम्मीद। उनके पुराने साथी बताते हैं कि वे 24×7 एक्टिव रहते हैं। सेंट्रल एजेंसियों से तालमेल बढ़ेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश इसे सकारात्मक मान रहे। चुनावी साल में सुरक्षा मजबूत करना प्राथमिकता है। यह तबादला बिहार की फिजा बदल सकता है।