राष्ट्रीय राजधानी में ममता बनर्जी की हरी झंडी पर टीएमसी सांसद सड़क पर उतर आए। बंगाली अधिकारों के नाम पर चले प्रदर्शन पुलिस की सख्ती के बाद विक्टिम कार्ड में बदल गए। भाजपा के प्रवीण खंडेलवाल ने इसे ममता का पुराना हथकंडा बताया।
कानॉट प्लेस और आसपास सांसदों ने ट्रैफिक रोक दिया। मांग थी बंगाली बोर्ड और सुविधाओं की। हंगामे पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया, जिसे टीएमसी दमन बता रही है।
‘ममता जी के इशारे पर उपद्रव, फिर रोना-धोना। यह राजनीति का सबसे सस्ता खेल है,’ खंडेलवाल ने चुटकी ली। बंगाल में अराजकता फैलाने वाली पार्टी अब दिल्ली में शिकायत कर रही है, उन्होंने व्यंग्य किया।
आंतरिक जानकारी के मुताबिक, बनर्जी ने वीडियो कॉल पर निर्देश दिए। वीडियो में मामूली चोटें दिखाकर सहानुभूति बटोरी जा रही। विश्लेषक मानते हैं कि यह बंगाली वोटरों को लामबंद करने की चाल है।
समुदाय के लोग दोहरी बात पर सवाल उठा रहे। खंडेलवाल बोले, ‘विकास की बात करो, न कि सड़क जाम।’ घटना ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। आगे क्या होगा, देखना दिलचस्प होगा।