उत्तराखंड में अंकिता भंडारी मर्डर केस को नई दिशा मिली है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस हृदयविदारक घटना की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है। उनका कहना है कि दोषियों को सजा दिलाना सरकार का संकल्प है।
रिसॉर्ट कर्मचारी अंकिता का अपहरण और हत्या का मामला सुर्खियों में रहा। ऋषिकेश के वनांतर रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य पर गंभीर आरोप हैं। परिवार ने सीबीआई जांच की मांग लंबे समय से कर रहा था।
धामी ने कहा, ‘सच्चाई सामने लाना हमारी प्राथमिकता है। कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति बच नहीं पाएगा।’ राज्य स्तर की जांच में खामियां उजागर हुईं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
मामले की समयरेखा चौंकाने वाली है। अंकिता के लापता होने के बाद शव मिला, जिसमें चोटों के निशान थे। नार्को टेस्ट और अन्य जांचों से सुराग मिले, लेकिन पूरा खुलासा नहीं।
महिलाओं और छात्र संगठनों ने आंदोलन किए। अब केंद्र के पास सिफारिश पहुंची है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा, ‘यह सकारात्मक कदम है।’
परिजनों का विश्वास बहाल हुआ है। यह जांच न केवल अंकिता को न्याय दिलाएगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाएगी। उत्तराखंड सरकार की प्रतिबद्धता की परीक्षा होगी।