यूरोपीय संघ की राजधानी ब्रसेल्स में भारत के उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को गति देना था, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
बातचीत में औद्योगिक वस्तुओं पर टैरिफ कम करना, सेवाएं व्यापार खोलना और निवेश संरक्षण प्रमुख रहे। गोयल ने लघु उद्योगों और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा पर बल दिया, वहीं ईयू ने ऑटोमोबाइल और मशीनरी बाजार पहुंच की मांग की।
द्विपक्षीय व्यापार €124 अरब तक पहुंच चुका है, जिसमें भारत का सेवाएं अधिशेष है। एफटीए से नौकरियां बढ़ेंगी और निर्यात को बल मिलेगा।
ईयू के ग्रीन डील और भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों पर सहयोग की संभावना तलाशी गई। गोयल ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना का प्रचार किया।
चुनौतियां जैसे भौगोलिक संकेतक, डेटा स्थानीयकरण बनी हुई हैं, लेकिन आशावाद व्याप्त है। अंतरिम समझौते की रूपरेखा बन रही है।
यह कदम भारत की बहुपक्षीय व्यापार रणनीति को मजबूत करेगा। वैश्विक संकटों के दौर में भारत-ईयू साझेदारी स्थिरता लाएगी। अपडेट्स के लिए बने रहें।