आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अब डिजिटल मोर्चे पर तेज हो रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनआईडीएमएस को नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच के रूप में विकसित किया जाएगा। पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन में शाह ने बताया कि यह डेटाबेस आतंकी साजिशों को जड़ से उखाड़ फेंकेगा।
एनआईडीएमएस में बायोमेट्रिक सत्यापन, व्यवहार विश्लेषण और ब्लॉकचेन तकनीक जोड़ी जाएगी। शाह ने उदाहरण दिया कि कोई संदिग्ध रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर पहुंचते ही चिह्नित हो जाएगा। पिछले वर्ष एनआईडीएमएस ने 3,000 से अधिक आतंकी घटनाओं को रोका है।
फेज-II के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें मोबाइल ऐप्स, ड्रोन निगरानी और वास्तविक समय डैशबोर्ड शामिल हैं। शाह ने राज्यों को दैनिक डेटा अपलोड का आदेश दिया, अन्यथा केंद्रीय सहायता रोकी जाएगी।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से एनआईडीएमएस अजेय बनेगा। विपक्ष की निगरानी संबंधी आशंकाओं को शाह ने खारिज किया। यह पहल भारत को आतंक-मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।