बांग्लादेशी क्रिकेटरों के लिए बुरी खबर है। भारत की एक बड़ी कंपनी स्पॉन्सरशिप छोड़ने जा रही है, जो खिलाड़ियों और बोर्ड के लिए आर्थिक तंगी ला सकती है।
कई सालों से यह साझेदारी टीम को मजबूत आर्थिक सहारा दे रही थी। जर्सी ब्रांडिंग से लेकर खिलाड़ी वेतन तक, सबकुछ कवर होता था। अब कंपनी ने ‘रणनीतिक कारणों’ का हवाला देकर पीछे हटने का फैसला किया है।
राजनीतिक माहौल और सीमा विवाद इसके मूल में हैं। मुस्तफिजुर रहमान, नजमुल हुसैन जैसे खिलाड़ी बोनस और छवि अधिकारों से महरूम हो जाएंगे।
बीसीबी ने तत्काल कदम उठाए हैं, एशियाई और यूरोपीय कंपनियों से बातचीत शुरू की है। लेकिन आईपीएल जैसी चमक के आगे मुकाबला कठिन है।
यह मामला दक्षिण एशियाई खेलों में राजनीति के असर को उजागर करता है। बांग्लादेश क्रिकेट की उड़ान अब नए सपोर्ट पर निर्भर करेगी। प्रशंसक टीम के साथ खड़े हैं, लेकिन वित्तीय स्थिरता जरूरी है।