अल्लू अरविंद तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के वो स्तंभ हैं, जिनके बिना अल्लू अर्जुन और पवन कल्याण अधूरे होते। गीता आर्ट्स के संस्थापक ने दशकों में दर्जनों हिट फिल्में दीं।
अभिनेता के रूप में सफर शुरू किया, लेकिन निर्माण में कमाल दिखाया। ‘मगधीरा’, ‘सये रा नरसिम्हा रेड्डी’ जैसी महाभारत बनीं। पवन कल्याण को राजनीति में सफल बनाने वाली फिल्में भी उनके ही बैनर तले बनीं।
अल्लू अर्जुन की स्टाइलिश इमेज को शेप देने में पिता की भूमिका अहम। ‘आर्या’, ‘पुष्पा’ ने उन्हें पैन-इंडिया स्टार बनाया। अरविंद ने डिस्ट्रीब्यूशन में भी क्रांति लाई, सैटेलाइट डील्स से मुनाफा बढ़ाया।
प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पाइरेसी के खिलाफ लड़ाई लड़ी। परिवार के अन्य सदस्यों को भी इंडस्ट्री में जगह दिलाई। अल्लू अरविंद साबित करते हैं कि दूरदृष्टि ही सफलता की कुंजी है।