यूरोप में 8-9 जनवरी 2026 को ‘वेदर बम’ स्टॉर्म गोरेटी ने हाहाकार मचा दिया। अटलांटिक महासागर से तेजी से विकसित यह तूफान ब्रिटेन-फ्रांस में 160 किमी/घंटा हवाओं, 30 सेमी बर्फ, बारिश व ऊंची लहरों से तबाही लाया।
मेट ऑफिस का कॉर्नवाल व सिली द्वीपों पर रेड अलर्ट: जीवनघातक खतरा। अन्य क्षेत्रों में amber-yellow चेतावनियां बर्फीले तूफान की पूर्वसूचना दे रही हैं।
ट्रेन-अस्पताल सेवाएं चरमरा गईं। हीथ्रो पर दर्जनों उड़ानें रद्द, ब्रिटिश एयरवेज सबसे प्रभावित। फ्रांस में पेरिस इलाके की बसें रुक गईं, यूरोपभर सड़कें अवरुद्ध।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है, गोरेटी असाधारण रूप से विस्तृत है। आपदा प्रबंधन सक्रिय, बिजली-पानी आपूर्ति प्रभावित। तटीय इलाकों में लहरें घरों तक पहुंचीं। जनता को सतर्क रहने की अपील। यह घटना मौसम चरमता के बढ़ते जोखिमों को उजागर करती है, जहां मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी हो गया है।