दिल्ली और एनसीआर में सर्दियों का प्रकोप चरम पर है। जहरीली हवा ने शहर को स्मॉग की चादर ओढ़ा दी है, जबकि कड़ाके की ठंड ने लोगों को थर्रा दिया। एक्यूआई 480 तक पहुंचा, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
कोहरे की वजह से ट्रेनें लेट, फ्लाइट कैंसल और ट्रैफिक जाम आम हो गए। अस्पतालों में ब्रोंकाइटिस, अस्थमा के केस दोगुने हो गए। ‘प्रदूषण कण फेफड़ों में जमा हो रहे हैं, तत्काल उपाय जरूरी,’ चेतावनी दे रहे हैं चिकित्सक।
सीएक्यूएम ने GRAP-IV लागू किया- डीजल गाड़ियां बंद, बाजार शाम 8 बजे बाद शटडाउन। पराली जलाने पर सख्ती के बावजूद हवा साफ नहीं हो रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा की गति कम होने से प्रदूषक जमीन के करीब रह गए।
नागरिकों को आउटडोर एक्टिविटी न करने, नमी वाली साफ-सफाई और पौधे लगाने की सलाह। यह संकट पर्यावरण नीतियों की कमजोरी उजागर करता है। भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाने होंगे। एनसीआर को साफ हवा का इंतजार है।