अमेरिका ने बांग्लादेश समेत 24 देशों को वीजा बॉन्ड श्रेणी में डाल दिया है, जिससे अमेरिकी यात्रा अब महंगी साबित हो रही है। यूनुस सरकार के विदेश सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने प्रतिक्रिया में कहा, ‘यह निर्णय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’
ढाका में репортर्स से बातचीत के दौरान हुसैन ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश इमीग्रेशन दिक्कतों वाले देशों की फेहरिस्त में शामिल है। ‘यह आश्चर्यजनक नहीं, लेकिन निश्चित रूप से दर्दनाक है।’ द डेली स्टार और यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश ने उनकी यह टिप्पणी प्रमुखता से प्रकाशित की।
नियम के तहत, पात्र वीजा आवेदकों को 5,000, 10,000 या 15,000 डॉलर का बॉन्ड देना पड़ेगा। प्रक्रिया में फॉर्म आई-352 जमा करना और पे.गॉव के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान शामिल है। अमेरिकी विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स से भुगतान पर कोई जिम्मेदारी नहीं ली जाएगी।
बॉन्ड केवल ओवरस्टे की स्थिति में जब्त होगा, लेकिन वीजा स्वीकृति की गारंटी नहीं देता। सूची में एंटीगुआ, बोत्सवाना, फिजी, गैबॉन, किर्गिस्तान, मलावी, नामीबिया, तंजानिया जैसे देश हैं।
बांग्लादेशी अर्थव्यवस्था पर निर्भर रेमिटेंस और विदेशी रोजगार इस नीति से प्रभावित होंगे। शेख हसीना सरकार गिरने के बाद स्थिरता की दिशा में कदम उठा रहे देश के लिए यह झटका है।
हुसैन के बयान से संकेत मिलता है कि ढाका विरोध दर्ज कराएगा। दीर्घकालिक समाधान के लिए पासपोर्ट प्रबंधन और प्रत्यावर्तन दर सुधारना जरूरी है। संभावित रूप से द्विपक्षीय वार्ताओं से राहत मिल सकती है।
यात्रा इच्छुक बांग्लादेशवासियों को सतर्क रहने की नसीहत दी जा रही है। यह घटना वैश्विक आप्रवासन नीतियों के सख्त रुख को दर्शाती है।