पश्चिम बंगाल और दिल्ली में कोयला तस्करी व हवाला रैकेट के खिलाफ ईडी ने जोरदार प्रहार किया। दर्जनों स्थानों पर चले छापेमारी अभियान में भारी मात्रा में अवैध धन और सबूत बरामद हुए हैं।
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि कोयला खदानों से चोरी का कोयला अवैध बाजारों में बिक्री के लिए भेजा जाता था। इसकी कमाई हवाला चैनलों से विदेशों तक पहुंचाई जाती, जिससे अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान हो रहा था।
आसनसोल, बर्धमान और राजधानी के विभिन्न ठिकानों पर छापे डाले गए। अधिकारियों ने फर्जी बिल, मोबाइल डेटा और करोड़ों रुपये नकद जब्त किए। संदिग्धों से पूछताछ में राजनीतिक कनेक्शन के सुराग मिले हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधे आरोप लगे हैं कि उन्होंने राज्य मशीनरी का दुरुपयोग कर ईडी की जांच रोकी। खनन विभाग के रिकॉर्ड छिपाने से लेकर गवाहों को डराने तक के आरोप हैं। टीएमसी सरकार ने इसे केंद्र का दमन बताया है।
यह कार्रवाई बंगाल के कोयला माफिया के खिलाफ नई जंग का आगाज है। देशभर में फैले इस नेटवर्क ने बिजली उत्पादन और उपभोक्ताओं को प्रभावित किया। ईडी अब डिजिटल ट्रांजेक्शन और संपत्ति सत्यापन पर फोकस कर रही है। राजनीतिक घमासान तेज हो गया है, जहां बीजेपी इसे भ्रष्टाचार पर चोट बता रही है। पूरा मामला कोर्ट में पहुंच सकता है।