पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट में हालिया हिंसा के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने छह और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अब तक 18 लोग हिरासत में हैं। प्रदर्शन अवैध बस्तियां हटाने के खिलाफ था, जो जल्द ही हिंसक रूप ले लिया।
पत्थरबाजी, लाठियां चलना और आग लगाने की घटनाओं से इलाका तहस-नहस हो गया। पुलिसकर्मी और नागरिक दोनों घायल हुए। नवीनतम गिरफ्तारियां खुफिया जानकारी और डिजिटल साक्ष्यों पर आधारित हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये लोग भीड़ भड़काने और तोड़फोड़ में शामिल थे। ‘शहर में शांति बनाए रखने के लिए हम सतर्क हैं। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।’ इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।
व्यापारी नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं। यह विवाद विकास बनाम संरक्षण की जंग को दर्शाता है। 1976 की इमरजेंसी यादें ताजा हो गई हैं। प्रशासन अब स्थानीय लोगों से बातचीत की पहल कर रहा है।
आने वाले दिनों में अदालतें जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनेंगी। यह मामला शहरी गरीबों की परेशानियों को रेखांकित करता है। कानूनी तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया जा रहा है।