फरीदाबाद खेल मैदान पर महिला खिलाड़ी के यौन उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ रहा है। प्रमुख कार्यकर्ता रेनू भाटिया ने पुलिस आयुक्त को कड़ा पत्र लिखकर त्वरित न्याय की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाटिया ने पीड़िता की आपबीती सुनाई, जिसमें अकादमी के एक व्यक्ति द्वारा बार-बार छेड़छाड़ का खुलासा हुआ। प्रारंभिक शिकायतों को अनदेखा करने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मांग है कि विशेष जांच टीम गठित हो, आरोपी निलंबित हो और पीड़िता का पूरा सहयोग हो।
खिलाड़ी समुदाय में आक्रोश व्याप्त है। सहयोगी एथलीटों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। स्थानीय स्तर पर बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और जेंडर सेंसिटिविटी ट्रेनिंग अनिवार्य करने की बात उठ रही है।
हरियाणा में खेलों को बढ़ावा देने वाले राज्य के लिए यह घटना कलंक है। सोशल मीडिया पर #JusticeForAthlete ट्रेंड कर रहा है। आयुक्त ने जांच को प्राथमिकता का दर्जा देने का ऐलान किया, लेकिन भाटिया को भरोसा है कि केवल कार्रवाई ही विश्वास बहाल करेगी।
महिला सशक्तिकरण के दौर में ऐसी पोल खुलना दुखद है। रेनू भाटिया की मुहिम से उम्मीद है कि सकारात्मक बदलाव आएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी। फरीदाबाद अब न्याय की प्रतीक्षा में है।