एनसीआरवासियों को सर्दी के इस मौसम में दोहरी खुशखबरी मिली है। तेज ठंडी हवाओं ने न सिर्फ प्रदूषण को कम किया, बल्कि घने कोहरे को भी छंटने में मदद की। अब सांस लेना आसान हो गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, पीएम2.5 का स्तर में 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई। राजपथ से लेकर सरिता विहार तक एक्यूआई ‘संतोषजनक’ से ‘मध्यम’ के दायरे में आ गया।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि राजस्थान से आ रही शुष्क हवाओं ने वातावरण को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दृश्यता में सुधार से मेट्रो, बसें और निजी वाहन बिना रुकावट चल रहे हैं।
तापमान में गिरावट जारी है, सुबह का पारा 7 डिग्री पर पहुंचा, लेकिन सूरज की किरणें कोहरे को भेद रही हैं। स्कूलों में समय पर कक्षाएं शुरू हुईं और ऑफिस जाने वाले लोगों को राहत मिली।
प्रशासन ने मौके का फायदा उठाते हुए निर्माण कार्यों पर निगरानी बढ़ा दी। GRAP नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है। हालांकि, पूर्वानुमान में कहा गया है कि हवाओं की गति कम होने पर स्थिति बिगड़ सकती है।
नागरिकों से अपील है कि कार पूलिंग करें, धूल नियंत्रण में सहयोग दें। लंबे समय के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, पार्कों का विस्तार और उद्योगों में फिल्टर लगाना जरूरी है। यह मौसम परिवर्तन एनसीआर की हवा को शुद्ध रखने के लिए सबक है।