मुंबई के एक इलाके में वृद्ध महिला के साथ हुई लूट ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। नकली पुलिस बनकर आए शातिरों ने उसके घर में घुसकर 1 लाख रुपये के मूल्यवान गहने लूट लिए। यह घटना अपराधियों की नई चालबाजी को उजागर करती है।
शुरुआत एक धमकी भरे फोन कॉल से हुई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और महिला पर मादक पदार्थों की तस्करी का आरोप लगाया। सहयोग न करने पर गिरफ्तारी की चेतावनी दी। जल्द ही दो युवक पुलिस की वर्दी में उसके द्वार पर थे।
वे झूठे दस्तावेज दिखाकर गहनों को जब्त करने का नाटक रचे। महिला का भरोसा जीतकर उन्होंने चेन, बंगले और अंगूठियां हथिया लीं। लूट के बाद वे ऑटो से भाग निकले। बाद में महिला को सच्चाई का पता चला।
मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग से सुराग मिले हैं। अधिकारी बोले, ‘ये संगठित गिरोह हैं जो ऑनलाइन किट्स का इस्तेमाल करते हैं। सतर्क रहें।’ पड़ोसियों ने सुरक्षा समितियां गठित कीं।
देशभर में ऐसी वारदातें बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल ट्रेनिंग और हेल्पलाइन जरूरी हैं। पीड़िता के परिवार ने मदद की अपील की है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे। शहरवासी एकजुट होकर इस बुराई से लड़ेंगे।