बॉलीवुड की ‘डस्की ब्यूटी’ बिपाशा बसु ने साबित कर दिया कि टैलेंट और कॉन्फिडेंस से कोई रंग भेदभाव रोक नहीं सकता। तानों का सामना किया, कई बड़े ऑफर नकारे, फिर भी शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचीं।
पश्चिम बंगाल के एक साधारण परिवार में जन्मी बिपाशा ने मॉडलिंग से करियर की शुरुआत की। मुंबई आकर संघर्ष किया, लेकिन पहली ही फिल्म से छा गईं। हीरो संग उनकी केमिस्ट्री ने रिकॉर्ड तोड़े।
रंग को लेकर भेदभाव झेला। कास्टिंग डायरेक्टर्स ने कहा, ‘लीड रोल के लिए फिट नहीं।’ ऐसे में ग्लैमरस कैमियो के ऑफर आए, लेकिन बिपाशा ने इंकार कर दिया। उन्होंने क्वालिटी रोल्स पर फोकस किया—एक्शन, रोमांस, हॉरर में कमाल दिखाया।
स्क्रीन के बाहर फिटनेस क्वीन बनीं। किताबें लिखीं, वर्कआउट प्रोग्राम लॉन्च किए। शादी और बच्चे के बाद प्रोडक्शन में कदम रखा। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी सक्रिय।
‘ठुकराए ऑफरों ने मुझे मजबूत बनाया,’ बिपाशा का मानना है। उनकी मेहनत ने इंडस्ट्री के सौंदर्य मानदंडों को बदल दिया। आज वे प्रेरणा स्रोत हैं, जो कहती हैं—अपने आप पर भरोसा रखो।