हरियाणा के नूंह जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक वकील को पाकिस्तान की आईएसआई (ISI) के लिए जासूसी करने और हवाला के ज़रिए 45 लाख रुपये की मोटी रकम आतंकी गतिविधियों के लिए भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आरोपी वकील, जिसकी पहचान रिजवान के रूप में हुई है, पिछले तीन महीनों में पांच बार पंजाब गया था। इन यात्राओं का मकसद हवाला ऑपरेटरों के ज़रिए बड़ी रकम को विभिन्न आतंकी नेटवर्कों तक पहुंचाना था। यह रकम करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस रैकेट का जाल पंजाब के पठानकोट सहित कई शहरों में फैला हुआ है और एक छोटी सी अवधि में 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा का अवैध धन ट्रांसफर किया गया है।
नूंह पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। टीम ने रिजवान के कुछ साथियों को भी हिरासत में लिया है। जालंधर से अजय अरोड़ा नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर रिजवान को हवाला के माध्यम से पैसा पहुंचाने का आरोप है। इसके बाद अमृतसर से तीन और लोगों – संदीप सिंह, अमनदीप और जसकरण – को पकड़ा गया है। इन सभी को कोर्ट में पेश कर आठ दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
जांच में रिजवान के बैंक खाते भी शक के घेरे में हैं। पंजाब नेशनल बैंक, ताऊरू शाखा के प्रबंधक ने बताया है कि रिजवान का खाता उनके पास है और वे पुलिस को आवश्यक जानकारी मुहैया करा रहे हैं, लेकिन गोपनीयता के चलते अधिक विवरण नहीं दे सकते।
पूछताछ में रिजवान ने बताया कि वह अपने साथी मुशर्रफ को भी इन यात्राओं पर ले जाता था, हालांकि मुशर्रफ का कहना है कि उसे इन यात्राओं के असली उद्देश्य की जानकारी नहीं थी। एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पैसा कहां से आ रहा था और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। संदिग्धों के बैंक लेनदेन, मोबाइल लोकेशन और गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
इससे पहले भी इसी साल मई में, हरियाणा के तौहरू से मोहम्मद तरीफ और राजका गांव से अरमान को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह दर्शाता है कि पड़ोसी देश किस तरह से भारत में अपनी जासूसी गतिविधियों को संचालित करने की कोशिश कर रहा है।
