ईरान की संसद ने एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है जिसका उद्देश्य अमेरिका और इजराइल के लिए जासूसी करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाना है। इस कानून के तहत, जासूसी के दोषी पाए जाने पर मौत की सजा का प्रावधान किया गया है। यह फैसला इजराइल के साथ हाल ही में हुए संघर्ष के बाद लिया गया है, जिसमें अमेरिका इजराइल का सहयोगी था। नए कानून में जासूसी को ‘धरती पर भ्रष्टाचार’ के समान माना जाएगा। इसके अलावा, स्टारलिंक जैसे बिना लाइसेंस वाले इंटरनेट उपकरणों के उपयोग, खरीद या परिवहन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिसके उल्लंघन पर जेल की सजा हो सकती है। राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले विदेशी चैनलों से सामग्री साझा करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
Trending
- परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि: पालक सहभागिता में देश में प्रथम
- कांगेर घाटी में मिली अनोखी “ग्रीन गुफा”
- मुख्यमंत्री निवास में 8 जनवरी गुरुवार को होगा जनदर्शन
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की सौजन्य मुलाकात, ‘बस्तर पंडुम 2026’ में किया आमंत्रित
- छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा – बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित
- जम्मू बीएसएफ: बुजुर्गों के लिए मुफ्त मोतियाबिंद सर्जरी कैंप
- पाकिस्तान: बाजौर पुलिस चौकी पर हमला, 1 की मौत 3 जख्मी
- वेनेजुएला: US हमले के बाद मादुरो ने घोषित किया इमरजेंसी
