अफगानिस्तान में तालिबान ने शरिया कानून के तहत कठोर सजाएं देना जारी रखा है। अमु न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने 114 लोगों को कोड़े मारे गए, जिनमें 20 महिलाएं शामिल थीं। संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इन सजाओं की निंदा की है। पीड़ितों को काबुल, परवान और तखर सहित विभिन्न प्रांतों में कोड़े मारे गए, जिनमें घर से भागने या नैतिक भ्रष्टाचार के आरोप शामिल थे। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने तालिबान की इन कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की है, और कहा है कि यह नागरिकों में डर पैदा करने और अपनी सत्ता को मजबूत करने का एक तरीका है।
Trending
- जापान में भूकंप: नोडा तट पर 6.0 की तीव्रता, सुनामी का खतरा नहीं
- अमेरिकी रिपोर्ट: 2026 में भारत-पाकिस्तान, अफगान-पाक में युद्ध की आशंका
- भारत-बांग्लादेश जल संधि: फरक्का समझौते की अहमियत और भविष्य पर बहस
- नए साल का तोहफा: IGL ने PNG ₹0.70/SCM सस्ता किया
- आतंकवाद से भड़केगा भारत-पाकिस्तान युद्ध? 2026 की चिंताजनक भविष्यवाणी
- जेपी जेल से तीन कैदियों का फरार होना, झारखंड में सुरक्षा पर सवाल
- 14,100 लोगों पर आरपीएफ का शिकंजा: रेल सुरक्षा में अभूतपूर्व कार्रवाई
- दिल्ली-NCR कोहरे की चपेट में: उड़ानों और ट्रेनों का संचालन ठप, यात्री परेशान
