सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद, 23 अप्रैल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक हुई। रक्षा मंत्री ने पहली बार कहा, ‘अब बहुत हो गया’, और सेना को कार्रवाई की पूरी छूट दी। सेना प्रमुख ने बताया कि इसके बाद आत्मविश्वास के साथ ऑपरेशन सिंदूर की योजना बनाई गई, जिसमें पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया गया। ऑपरेशन का नाम पूरे देश को एकजुट करने वाला था। 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद, रक्षा मंत्री ने सेना को कार्रवाई के लिए पूरी स्वतंत्रता दी। सेना प्रमुख ने इसे अभूतपूर्व राजनीतिक स्पष्टता बताया। 25 अप्रैल को उत्तरी कमान का दौरा किया गया, जहां ऑपरेशन की योजना बनी और आतंकवादियों को निशाना बनाया गया। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने भी इस सफलता का श्रेय राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिया। 22 अप्रैल को पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में, भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया।
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