व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अगले दो हफ़्तों में इस बात पर फ़ैसला करेंगे कि अमेरिका इज़राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष में शामिल होगा या नहीं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ईरान के साथ संभावित कूटनीतिक बातचीत इसका कारण है। ट्रम्प के इस फ़ैसले में मध्य पूर्व में बढ़ते तनावों के बीच संभावित वार्ताओं पर विचार किया जाएगा। प्रशासन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपने रुख को भी दोहराया है, जिसमें कहा गया है कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन से रोकना और परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ज़रूरी है। यह घोषणा इज़राइल और ईरान के बीच एक हफ्ते की सैन्य कार्रवाई के बाद आई है। ट्रम्प ने पहले राजनयिक समाधान की बात की थी, लेकिन यह भी कहा था कि अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करता है तो सैन्य कार्रवाई भी ज़रूरी हो सकती है। संघर्ष 13 जून को इज़राइल के ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के शुरू होने के बाद बढ़ा, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। इज़राइली रक्षा मंत्री इज़राइल कैट्ज ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला खामेनेई के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने का आह्वान किया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि कूटनीतिक विकल्प अभी भी खुले हैं, और ट्रम्प जल्द ही इस मामले पर अपना अंतिम फ़ैसला सुनाएंगे।
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