September 23, 2021

महिला को मिली अनुकंपा नियुक्ति,मुख्यमंत्री को साधुवाद देते हुए रो पड़ी मधु, भूपेश बघेल हुए भावुक

मधु बेलचंद आवेदन देने के 3 दिन के भीतर अनुकंपा में नौकरी मिलने पर मुख्यमंत्री का साधुवाद करते हुए रो पड़ी। उस वक्त भूपेश बघेल की आंखें भी नम हो गई और वो भावुक हो गए। मधु बेलचंद को  पति की मृत्यु के बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रावा में सहायक ग्रेड 3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली। दरअसल गत 5 मई को उनके पति सतीश कुमार बेलचंद, जो कि पूर्व माध्यमिक शाला आमदी में बतौर वर्ग 2 शिक्षक पदस्थ थे,उनकी कोरोना से मृत्यु हो गई थी। मधु बेलचंद ने बताया कि ज़िला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन दिया और उस पर तीन दिन के भीतर 3 जून को अनुकंपा नियुक्ति मिली। मधु ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति को वे अपने परिवार के जीविकोपार्जन का बहुत बड़ा सहारा मानती हैं। क्यूंकि पति की मृत्यु के बाद परिवार में उनकी सास, दो बच्चे हैं,जिनका जिम्मा अब उनके कंधे में है। ऐसे में अनुकंपा नियुक्ति से भरण पोषण की चिंता दूर हुई। मुख्यमंत्री बघेल का साधुवाद और आभार मधु बेलचंद ने व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की बदौलत कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से मृत शासकीय सेवक के परिजनों को राहत पहुंचाने प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के नियम को शिथिल करते हुए नौकरी देने का निर्णय लिया गया है। नतीजन आज वे भी पति के स्वर्गवास के बाद खुद को आर्थिक रूप से बेसहारा नहीं मान रही हैं। मधु की बात सुन मुख्यमंत्री की आंखें नम हुई वहीं मधु बेलचंद को जल्द अनुकंपा नियुक्ति मिलने पर आत्मनिर्भर होने मुख्यमंत्री के चेहरे में संतोष के भाव भी दिखे।https://googleads.g.doubleclick.net/pagead/ads?client=ca-pub-9109904923244079&output=html&h=191&slotname=7342426999&adk=382925754&adf=171045798&pi=t.ma~as.7342426999&w=784&lmt=1623412624&rafmt=11&psa=1&format=784×191&url=https%3A%2F%2Fglibs.in%2FMISC%2FWoman-got-compassionate-appointment-133603.html&flash=0&wgl=1&uach=WyJXaW5kb3dzIiwiNi4xIiwieDg2IiwiIiwiOTEuMC40NDcyLjc3IixbXV0.&dt=1623412624882&bpp=57&bdt=1303&idt=58&shv=r20210607&cbv=%2Fr20190131&ptt=9&saldr=aa&abxe=1&cookie=ID%3D6d514d038380c8aa-2216400406c60016%3AT%3D1613275862%3ART%3D1613275862%3AS%3DALNI_MbZ1tc4C-cyVuvW5ITwnbOGAB0_5w&prev_fmts=0x0&nras=1&correlator=4139521798273&frm=20&pv=1&ga_vid=1129424840.1613275861&ga_sid=1623412625&ga_hid=486586144&ga_fc=0&u_tz=330&u_his=4&u_java=0&u_h=800&u_w=1280&u_ah=756&u_aw=1280&u_cd=24&u_nplug=3&u_nmime=4&adx=94&ady=1057&biw=1264&bih=653&scr_x=0&scr_y=0&eid=42530672%2C31060972%2C31061407%2C31061047&oid=3&pvsid=4061307412381153&pem=393&ref=https%3A%2F%2Fglibs.in%2F%3Fp%3D133565&eae=0&fc=1920&brdim=0%2C0%2C0%2C0%2C1280%2C0%2C1280%2C756%2C1280%2C653&vis=1&rsz=%7C%7CeEbr%7C&abl=CS&pfx=0&fu=128&bc=31&ifi=2&uci=a!2&btvi=1&fsb=1&xpc=KHTqxWUnfO&p=https%3A//glibs.in&dtd=83