जीवन के साथ चलने के साथ-साथ रोमांटिक भी आनंद लें, मनोरंजन में शामिल हों

<पी शैली ="टेक्स्ट-एलाइन: जस्टिफाई;">आज से सावन मंथ की शुरुआत हो रही है। सावन का विशेष गुण और रोमांटिक है। खराब होने का मौसम में भी ऐसा ही होता है। इस तरह से दांव-दौलत से भी ऐसा ही किया जाता है। “रोटी संचार और संचार” का वो गाना दुबकियों की तरह होगा और उनका सावन का कैमरा होगा। या चुपके-चुपके का वोम गाना शब्द सावन के में एक नायिका नायक से फिर मिलान को भी तड़प;

‘हाय हाय रे मजबूरी’

फिल्म ‘रोटी कपड़ा और संगीत’ मनोज कुमार और जीनत अमान का ‘हाय हाय रे मजबूरी’ गीत अब तक का सबसे अच्छा और सुंदर सावन गीत है।"यूट्यूब वीडियो प्लेयर" स्रोत ="https://www.youtube.com/embed/oTjuzjFI4qI" चौड़ाई ="560" ऊंचाई ="315" फ्रेमबॉर्डर ="0" अनुमति पूर्णस्क्रीन = screen"पूर्ण स्क्रीन की अनुमति दें"

‘बहु बेगम’

साल 1967 में आई ‘बहु बेगम’ का गीत ‘पड़ गए सावन ऋतु आई रे’ को भी शुद्ध किया गया। इस गाने में मीना कुमारी थीं। इसे लता मंगेशकर और आशा भोंसले ने गीत. 

 ‘आया सावन झूम के’ 

धर्मेंद्र और आशा पारेख बोल का नाम ही सावन पर बेसिंग था। फिल्म का नाम ‘आया सावन झूम के’ है। फिल्म हीरो रोमांटिक। सावन जूम के में आशा व्यक्त और धर्मेंद ने गजब का मंगलमयी भी और सावन को एन्जॉय भी किया। 

‘अब के सजन सावन में’  

‘चुपचाप के धर्म’ में स्मॉर्टिला टैग और इंद्रेंद्र को ‘अबा के सजन सावन में’  बेहद हीलबुलबुलबुलेबस्टेशन में स्टाइल को एन्जाइम्स के रूप में लिखा जाता है।

‘लगी आज सावन फिर वो झड़ी है’

सावन में प्रीपियर-प्रेमिका या पति-पत्नी एक-साथ नहीं कर सकते। कुछ खराब की फीलिंग को पवन का और स्टार चांदनी ‘लगी आज सावन फिर वो झड़ी है’। 

 

 ‘सावनः द लव सीजन’         

२००६ में साल में एक बार साबुन लगाने का स्टार ‘सावनः द लव सीजन’ में एक प्यारा प्यारा ट्रैक ट्रैक था।.. . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . .                है थी है था। इस गाने को सुनिधि चौहान ने सुंदर सौंदर्य के साथ गाया है।