गुवाहाटी में उनकी पुण्यतिथि पर अमित शाह ने दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित की

amit shah

गुवाहाटी (असम): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को गुवाहाटी में अपनी पुण्यतिथि पर भारतीय जनसंघ के पूर्व नेता दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित की। एक ट्वीट में, शाह ने कहा: “जब स्वतंत्र भारत के गठन के लिए विदेशी मॉडल को अपनाने पर जोर दिया जा रहा था, तो यह पंडित जी ही थे जिन्होंने भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाजवाद को भारत की जड़ों से जोड़ने का मंत्र दिया, देकर अभिन्न मानवतावाद के सिद्धांत और समाज के सबसे कमजोर वर्ग के उत्थान के माध्यम से मंत्र – ‘भारत का पुनरुद्धार’। दीनदयाल जी का जीवन राष्ट्रसेवा वप्रिंटन का एक विराट प्रतीक है। मातृभूमि के उत्थान के प्रति उनके भावन भाव ने हमें प्रेरित कर सदैव हमारा मार्गदर्शन किया है। आज परम श्रद्धेय दीनदयाल उपाध्याय जी के बलिदान दिवस पर उनके चरणों में नमन करते श्रद्धांजलि अर्पित की। और विचार प्रत्येक देशवासी को राष्ट्र की सेवा करने की प्रेरणा देकर नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले हमारे प्रेरणास्रोत दीनदयाल जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनके सिद्धांत, दर्शन व विचार हर देशवासी को प्रतिपल राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित कर नई ऊर्जा देते रहेंगे। – अमित शाह (@AmitShah) 11 फरवरी, 2021 जब आजाद भारत के नव निर्माण के लिए विदेशी मॉडल को अपनाने पर जोर दिया जा रहा था तब पंडित जी ही थे जिन्होंने भारत की राष्ट्रनीति, अर्थनीति और समाजनीति भारत की स्थापना से जुड़ी हो ये मंत्र देते हुए एकात्म मानववाद व अंत्योदय के सिद्धांत के जरिए भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की नींव रखी गई थी। pic.twitter.com/jefZJqaMNq – अमित शाह (@AmitShah) 11 फरवरी, 2021 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पंडित उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हम ‘एकात्म मानववाद’ की उनकी विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध हैं। “मैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर नमन करता हूं। उन्होंने अपने असाधारण योगदान से हमें प्रेरित किया है। हम ‘एकात्म मानववाद’ की उनकी विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध हैं। मेरी पुण्यतिथि पर दीनदयालजी को मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि। ” मैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर नमन करता हूं। उन्होंने अपने असाधारण योगदान से हमें प्रेरित किया है। हम ‘एकात्म मानववाद’ की उनकी विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध हैं। मेरी पुण्यतिथि पर दीनदयालजी को मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि। – राजनाथ सिंह (@rajnathsingh) 11 फरवरी, 2021 पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारक और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता, भाजपा के अग्रदूत थे। वह दिसंबर 1967 में जनसंघ के अध्यक्ष बने। 11 फरवरी, 1968 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया। उनका शरीर मुग़ल सराय जंक्शन के पास पाया गया था जिसका नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन रखा गया है।

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