September 25, 2021

संसदीय सचिव ने किया कोडार बांध में इको पर्यटन बुद्ध वाटिका आदि निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं भूमि पूजन

जिले में पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना भी बनाई गयी है । संसदीय सचिव श्री विनोद चंद्राकर ने आज कोडार बांध में इको पर्यटन प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों, बुद्ध वाटिका शेड निर्माण आदि कार्यों का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया ।वन विभाग द्वारा आज के इस कार्यक्रम में कोविड नियमों  का पालन किया गया । कुहरी से सिरपुर तीन बुद्ध उपवन का भी शिलान्यास किया गया ।
     मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित करते हुए संसदीय सचिव श्री विनोद चंद्राकर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने का काम कर रही है । ताकि यहाँ की गौरवशाली विरासत,परम्परा, लोक संस्कृति से वाक़िफ़ होंगे । आज कोडार बांध में नौकाविहार के लिए बोटिंग सुविधा, पाथ वे, घाट व टेटिंग सहित अन्य कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया गया । किया गया। उन्होंने कहा कि कोडार डेम में पर्यटन को बढ़ावा देने शुरू से पहल की जा रही थी। इस दिशा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ध्यानाकर्षित कराया गया था। जिस पर इसके लिए स्वीकृति मिली है।
     अंतराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सिरपुर अपनी ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता के कारण आकर्षण का केंद्र हैं। अब इसके पथ को और खूबसूरत बनाने के लिए  कुहरी से सिरपुर तक पांच चयनित जगहों  पर सुन्दर बुद्ध वाटिका उपवन बनाए जाएँगे । इन उपवन बनने पर मुसाफिर आराम कर सकेंगे।     ज़िला वनमंडला अधिकारी  श्री पंकज राजपूत ने प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इको पर्यटन में करीब 38 लाख की लागत से काम कराया जाएगा। तीन-चार महीने में यहां बोटिंग की सुविधा मिल सकेगी। इसी तरह करीब 9-9 लाख की लागत से पांच स्थानों पर उपवन का निर्माण कराया जाना है।आने वाले कुछ समय बाद  कोडार बांध में नौकाविहार के लिए बोटिंग की सुविधा सैलानियों को उपलब्ध होगी। वहीं कम दामों पर जंगल में ठहरने के इंतजाम भी किए जाएंगे।
  आने वाले दिनों में यहां सैलानियों को नौकाविहार के लिए बोटिंग के सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक नगरी सिरपुर में भी पर्यटन को बढ़ावा देने हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। सिरपुर को किसी जमाने में सबसे बड़ा बौद्ध स्थल माना जाता था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पुरातत्व विभाग द्वारा की गई खुदाई में सिरपुर इलाके में भगवान बुद्ध की अनेक प्रतिमाएं और बौद्ध स्थल पाए गए। इसकी प्रसिद्धि जब दुनिया भर में फैली तो धर्म गुरु दलाई लामा भी कुछ सालों पहले छत्तीसगढ़ में आए थे।