September 23, 2021

कलेक्टर के निर्देश पर संवेदनशील क्षेत्र के हितग्राही को प्राप्त हुआ राशन कार्ड

जिला प्रशासन द्वारा लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के प्रसार द्वारा विकास के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका नजर आती है। इसी के तहत् विगत दिनों जिले के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र कड़ेनार के सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बागड़े द्वारा क्षेत्र के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के संबंध में जानकारी आवेदन के माध्यम से कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा को दी गई थी। आवेदन के अनुसार उक्त परिवार बीपीएल कार्ड की पात्रता रखता था, परन्तु 2011 सामाजिक आर्थिक जनगणना में परिवार की आर्थिक स्थिति के संबंध में विशिष्ट जानकारी न होने के कारण उन्हें राशन कार्ड प्राप्त नही हो सका था। आवेदन प्राप्त होने पर कलेक्टर ने इस संबंध में खाद्य अधिकारी को त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। जिसपर सामाजिक कार्यकर्ता के साथ मिलकर खाद्य विभाग द्वारा उक्त परिवार से सम्पर्क स्थापित कर ग्राम पंचायत से परिवार की आर्थिक स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। ग्राम पंचायत की अनुशंसा के पश्चात् खाद्य निरीक्षक हितेश मानिकपुरी द्वारा तत्काल परिवार के मुखिया के नाम पर राशन कार्ड जारी कर दिया गया। जिसे सामाजिक कार्यकर्ता की सहायता से परिवार को शीघ्र उपलब्ध करा दिया गया ताकि उन्हें शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा सके एवं महामारी को देखते हुए दिये जा रहे 02 माह के निःशुल्क राशन को उपलब्ध कराया जा सके। जिससे परिवार का भरण-पोषण सहीं तरीके से किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर के निर्देश पर इन अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं को उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में मोबाईल टीमों को भेजकर उनके आधारकार्ड, राशन कार्ड, स्मार्ट कार्ड बनवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही समय-समय पर इन क्षेत्रों में कुपोषण एवं गम्भीर बीमारियों के ईलाज हेतु स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किये जाते हैं। इन क्षेत्रों में वर्षाऋतु में आवागमन यहां बहने वाले बरानी नालों की वजह से मुश्किल हो जाता है जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्रियां वितरण हेतु भण्डारित की जा रही हैं। इस क्षेत्र में सुपोषण योजनांतर्गत बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए नंगत पिला कार्यक्रम भी तेजी से संचालित किया जा रहा है।